Viarun chakervati

 वरुण चक्रवर्ती एक ऐसा नाम जो हाल के समय मे सबसे ज्यादा चर्चा मे आया। 40 बार से ज्यादा वरुण सिलेक्शन में गया, एक भी जगह SELECT नहीं हुआ. कभी गेंदबाजी में फेल होकर बल्लेबाज बनने की सोचा, तो कभी हारकर WICKETKEEPER बन गया.


ज़िंदगी उसे क्या बनाना चाहती थी, समझ नहीं आ रहा था. आख़िरकार एक दिन सपनों की PITCH पर BOLD होने के बाद उसने तय कर लिया कि अब वो हमेशा के लिए CRICKET छोड़ देगा और पढ़ाई करेगा.

फिर पांच साल उसने ARCHITECT की पढ़ाई की और पढ़ाई के बाद तीन साल करी नौकरी.

नौकरी से भी मन ऊब गया...तो बाप को फोन किया कि पापा ये नौकरी हमसे नहीं हो रहा. बस एक बार और ट्राई करने दो, इस बार नहीं हुआ तो पक्क़ा CRICKET छोड़ दूंगा.

पिता ने मौका दे दिया तो उसने नौकरी छोड़कर भारत का सबसे FAST BOWLER बनने का सपना देख लिया... औऱ हमेशा की तरह उसमें भी फेल हो गया. इतने FAILURE के बाद तो बस अंतिम प्रण ही बाकी था.

अंतिम बार तय किया कि अबकी स्पिन बॉलिंग करूँगा और अगर इस बार भी कुछ न हुआ तो पक्का क्रिकेट छोड़ दूंगा.

अब जरा CHAMPIONS TROPHY की बात करते हैं.

चार-पाँच ओवर के बाद खूंखार TRAVIS HEAD... शमी और पांड्या को अपने चिर-परिचित स्टाइल में मार रहा है...देश के करोड़ों लोगों की सांस थम गई हैं.

मेरे आस-पास कुछ लोगों ने तो डरके मारे टीवी तक बन्द कर लिया...कि अब तो आस्ट्रेलिया तीन सौ रन बना लेगा.

तभी कप्तान रोहित शर्मा... बॉल उसी लड़के को थमातें हैं, जो एक दिन क्रिकेट से हार मानकर ARCHITECT बन गया था.

दूसरी ही बाल होती है... हेड सामने होते हैं...देखते ही देखते इस ARCHITECT ने हेड को आउट करके भारत की जीत का नक्शा प्रस्तुत कर दिया.

बार-बार Varun Chakaravarthy के बारे में सोचता हूँ तो लगता है कि क्या वरुण की कहानी उन तमाम मिडिल क्लॉस लड़कों की कहानी नहीं है, जो थक-हारकर सपने और नौकरी की लड़ाई में एक दिन नौकरी के हाथों क्लीन बोल्ड हो जाते हैं.

वरुण आज नौकरी कर रहे होते तो न जाने कहां होते. लेकिन आज अपने उस एक फैसले से हम सबके सामने हैं..गर्व का विषय बन गए हैं.

क्रिकेट में हार-जीत तो लगा रहेगा...

लेकिन जिस देश का सबसे गरीब बच्चा भी बॉल और बैट का जुगाड़ कर लेता है... डंडे से स्टम्प बना लेता है..उस देश में Varun Chakaravarthy
जैसे खिलाड़ियों का आते रहना ज़रूरी है.

ये कहानियां फेल होने के बाद भी सपने देखना और उसे हर हाल पूरा करना सिखाती हैं. 

शाबाश वरुण...

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