भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले करीब ढाई महीने से हिंसा हो रही है, सैकड़ों लोगों की अबतक मौत हो गई है और लाखों की संख्या में लोग इस हिंसा से प्रभावित हुए हैं. इस बीच कुछ घटनाएं ऐसी भी घटी हैं, जिन्होंने मानवता को शर्मसार किया है. बुधवार को ऐसी ही एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने मणिपुर की कहानी बयां की है जो दर्दनाक है. दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर घुमाया जा रहा है, उनका यौन शोषण किया जा रहा है. वीडियो के वायरल होने के बाद हंगामा बरपा है और अब इस मामले में एक्शन की मांग हो रही है. ट्राइबल लीडर्स फोरम के मुताबिक यह घटना राज्य की राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में 4 मई को हुई। वहीं इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुरुष असहाय महिलाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं जो रो रही हैं और उनसे छोड़ने की गुहार लगा रही हैं।
आईटीएलएफ के एक प्रवक्ता ने इस घृणित कृत्य की निंदा करते हुए मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें, राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अपराध का संज्ञान लें और दोषियों को कानून के सामने लाएं। वहीं कुकी समुदाय गुरुवार को चुरचांदपुर में प्रस्तावित विरोध मार्च के दौरान इस मुद्दे को भी उठाने की योजना बना रहे हैं।
मणिपुर राज्य में तीन मई से इंफाल घाटी में केंद्रित बहुसंख्यक मैतेई और पहाड़ियों पर कब्जा करने वाले कुकी लोगों के बीच जातीय झड़पें हो रही हैं। हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अनुसूचित जनजाति में मैतेई को शामिल करने के कथित कदम के खिलाफ अखिल जनजातीय छात्र संगठन मणिपुर द्वारा ‘जनजाति एकजुटता रैली' आयोजित किये जाने के बाद हिंसा बढ़ गई। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।